Monday, February 8, 2010

शेयर बाज़ार -कठिन है डगर

शेयर बाज़ार की समझ बना पाना खासतौर से भारतीय बाज़ार की, एक मुश्किल काम है .क्योंकि यहाँ fundamentals से अधिक momentum चलता है । यह सच है की इस तरह का बाज़ार एक परिपक्व बाज़ार नहीं कहा जा सकता । यह ब्लॉग मैं nifty futures को समर्पित करता हूँ ।
futures ही क्यों ?-
-यहाँ रिस्क किसी अन्य स्क्रिप की तुलना में काम होती है ।
-बाज़ार की दिशा निर्धारण में fundamentals से मदद आसान हो जाती है ।
-इंडेक्स में तुलनात्मक रूप से ज्यादा उतार चढाव नहीं होता ।
-समग्र विश्लेषण से काफी हद तक बाज़ार की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है ।
-future ट्रेड पर मिलने वाले margin से काम पूँजी होने पर भी position maintain करना संभव है।

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